धर्म की सरल व्याख्या
धर्म की सरल व्याख्या है —"जो धारण किया जा सके।" वही धर्म है। बाह्य धर्म हैं जलवायु अनुकूल पहनावा, ऐसा शिष्ट पहनावा जो बिना वजह स्वयं और अन्यों के भावों का उद्रेक ना करता हो। अपने उत्तेजक भावों का प्रदर्शन और अन्यों के भावों की परीक्षा लेने की कोशिश तो...
[पूरी पोस्ट]
PRATUL
17
0
0
0
2
[10 Apr 2010 02:11 AM]



Shuffle








