संत कबीर वाणी-परखने के बाद किसी से संपर्क बढ़ायें (sant kabir vani-manushya ko parkhen)

शब्दलेख सारथी कबीर देखी परखि ले, परिख के मुखा बुलाय।जैसी अंतर होयगी, मुख निकसेगी आय।संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति मिले तो पहले उसे परखो फिर उसके मुंह से कुछ बुलवाओ। जैसी बात उसके अंदर होगी वैसी ही बाहर निकल आयेगी।पहिले शब्द पिछानिये, पीछे कीजै... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दू-धर्म

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[09 Apr 2010 23:46 PM]

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