नक्सलवाद का जवाब है हमारे पास?
ऐसे में यह मज़ेदार है जब घेरे में फंसे दोनों पालों का देवों और दानवों में स्थूल विभाजन करके, देवों का पाला थामे दानवों के चिथड़े उड़ाये जा रहे हों, एक बुजुर्ग गांधीवादी ऐसी सन्-सन् फिजा में भी तटस्थता की चंद समझदार बातें करते दीखें. आप भी भरी हुई बंदूक...
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Pramod Singh
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[09 Apr 2010 13:17 PM]



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