सबके दिलों के सरदार माननीय ललित शर्मा जी ने हिन्दी ब्लॉगिंग को अलविदा कहा
यह सच हैमैं तेताला हूंमेरे से जुड़े रहे हैं ललित शर्मा जीअब यहां भी नहीं हैंअपनी ब्लॉग पोस्ट पर टिप्पणी भी बंद कर दी हैंजिसका अर्थ हैदरवाजे से घंटी का बटन ही हटा लिया हैजिससे आप यह न समझेंकि वे टंकी पर चढ़े हैंवैसे मुझे तो लग रहा हैऐसा ही होना हैहम...
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अविनाश वाचस्पति
ललित शर्मा
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[09 Apr 2010 07:29 AM]



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