achar

shabdon ke akshat अचारस्वाति तिवारीमई की तेज धूप को देखकर याद आया कि चने की दल को धूप दिखाना है । ऑगन की धूप में पुरानी चादर बिछाकर स्टोर रूप में चले की दाल की कोठी निकालने गयी तो अचार का मर्तबान (बरनी) दिखाई दे गयी । दाल को धूप में फैलाकर पलटी तो अचार का ख्याल आया, लगे... [पूरी पोस्ट]
writer swati
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[09 Apr 2010 05:08 AM]

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