मनुस्मृति-वेदों की निंदा न करें (ved ninda n karen-manu smruti in hindi)

दीपक भारतदीप की अंतर्जाल पत्रिका नास्तिक्यं वेदनिंदा च देवतानां च कुत्सनम्।द्वेषं दम्भं च मानं च क्रोधं तैक्ष्ण्यं च वर्जयेत्।हिन्दी में भावार्थ-भगवान के अस्तित्व पर अविश्वास, वेदों की निंदा, देवताओं का अपमान, अन्य लोगों से शत्रुता तथा विरोध रखना, पाखंड, अहंकार, क्रोध तथा स्वभाव में... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दू-धर्म

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[08 Apr 2010 23:20 PM]

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