पुरानी डायरी से - 13: 'ईश्वर' नहीं

एक आलसी का चिठ्ठा __________________________________________________________भठ्ठर मन, सर्व व्यर्थता बोध - कुछ लिखा नहीं जा रहा। पुरानी डायरी की शरण गया तो पंजाब आतंकवाद के चरम के समय की यह कविता दिख गई। यह वह दौर था जब ईश्वर से मोहभंग हो रहा था। मनुष्य की सारी समस्याओं की... [पूरी पोस्ट]
writer गिरिजेश राव

ईश्वर

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[08 Apr 2010 22:53 PM]

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