आवेग : मूल-पाठ

UDAY PRAKASH 'आवेग'दिनकर कुमारआवेग ने किसी को बनाया प्रेमीकिसी को क्रांतिकारी,किसी को हत्यारा,किसी को शिकारी.आवेग में ही चुनी गयी गलत राहलिए गए ग़लत फ़ैसलेबुने गए सपनेरचा गया संशय का अरण्य.यह आवेग गर्भ से ही संग रहा हैगर्भ से बाहर के जगत में भीइसी के सम्मोहन... [पूरी पोस्ट]
writer Uday Prakash

कविता

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[08 Apr 2010 12:25 PM]

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