ये इश्क नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे
मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा यार कि मनीष ने पूजा के अलावा किसी और से शादी कर ली। आदमी इतना बदल कैसे जाता है? विष्णु के मुँह से यह वाक्य सुनकर अब तक चुपचाप बैठे नील ने कहा, हाँ यार, मनीष और पूजा को तो हम लोग दो जिस्म एक जान समझा करते थे। कॉलेज के दिनों...
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Gappe bazi
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[08 Apr 2010 04:11 AM]



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