आदमी और होश
आदमी से होश संभलता नहीं हैलाखों योनियो से गुजरा हुआ इंसानदेवत्व से आती आवाजों से और भी परेशान हो जाता हैऔर तब निराशा उन्माद लाती हैएक गहन बेहोशी में जाने की बेताबीत्रिशंकु स्वर्ग न मिल पाने के तथ्य से घबराकरकई बार धरती की ओर कूदता हैवो चाहता है कि वो उस...
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Rajey Sha
लम्बी कविता
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[08 Apr 2010 03:12 AM]



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