कबीर के श्लोक -१६
कबीरा तुही कबीर तू ,तेरो नाऊ कबीरु॥
राम रतनु तब पाईऐ,जऊ पहले तजहि सरीरु॥३१॥ कबीर जी इस श्लोक मे कहते है कि तू ही सब से बड़ा है और सर्वत्र तू ही है। तेरा नाम ही कबीर है अर्थात भगत और भगवान मे कोई भेद नही है।लेकिन यह भेद तभी मिटता जब हम इस शरीर का मोह छोड़...
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परमजीत बाली
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[07 Apr 2010 21:59 PM]



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