खोया सा जीवन
यह मेरा खोया सा जीवन ! क्या फिर से पा जाऊँगी मैं इस लुटी हुई दुनिया का धन ! यह मेरा खोया सा जीवन !मेरी सूनी-सूनी रातें, प्रिय की मीठी-मीठी बातें,फिर याद दिला जातीं आकर,बीते सपने, बीते मृदु क्षण ! यह मेरा खोया सा जीवन ! स्मृति फिर-फिर कर आ जाती, इस मन में...
[पूरी पोस्ट]
Sadhana Vaid
11
0
0
0
7
[07 Apr 2010 21:47 PM]



Shuffle







