आप भी लिखे ..................दो पन्क्तियां.............

मेरे मन की आज देखिए बेटे की ये पेन्टिंग ......................और पढिए इस पर मेरे दिल से निकली ये पन्क्तियां............. जाने कब से घूम रहा था ,थका समय का पहिया । पीठ टिकाकर थोडा सुस्ताया,जगह देख कर बढिया ॥ अब आप भी लिखे ........इस पर आपके दिल से... [पूरी पोस्ट]
writer Archana

छोटी कविता

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[07 Apr 2010 10:18 AM]

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