कल मुझे जीतना है!!!

चिंतन मेरे मन का आज सोते सोते मै बडबडाने लगाहल्ला फिर मचाने लगादिन भर के ख्यालातएक द्वन्द्द मचाने लगेशायद कोई हार आज बर्दाश्त न हुई लड्ने वाला हर चेहराअंधेरे मे गुम सा थामै जीत के लियेहाथ पैर चला रहा थादिल-दिमाग दोनो हीकंही दूर खडे हंस रहे थेमेरी हताशा पर मुझे ही कोस रहे... [पूरी पोस्ट]
writer प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[07 Apr 2010 08:48 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix