चित्रकार ए. रामचन्द्रन की कला : आधुनिकतावाद को खारिज करती एक सौन्दर्य दृष्टि
क्षणे-क्षणे यन्नवतामुपैति तदेवरूपं रमणीयतायाः ! -माघरामचन्द्रन के चित्रों से गुज़रना भारतीय वाङ् मय से गुज़रने जैसा है। रामचन्द्रन के चित्रों को देखना भारतीयता का सिंहावलोकन करना है। रामचन्द्रन के चित्रों का अवलोकन भारतीय समाज के विकास का अवलोकन है।...
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विजेंद्र एस विज
कला-बातचीत/समीक्षा
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[07 Apr 2010 06:26 AM]



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