प्रीतम का कुछ दोष नहीं है
आज आप सुनिये मेरे पसन्दीदा भक्ति संगीत कलैक्शन में से एक भजन (आप इसे नात या कव्वाली भी कह सकते हैं) "सांसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम" प्रेमरस से सराबोर इस रचना के गायक शायद सुप्रसिद्ध श्री नुसरत फतेह अली खान जी हैं।Subscribe Free for future...
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अन्तर सोहिल
कव्वाली
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[07 Apr 2010 06:10 AM]



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