तेरी हंसी से हंसती है जिन्दगी
तेरी हंसी से हंसती है जिन्दगी;तेरे रोने से रो जाती है जिन्दगी।अब मेरे टूटे दिल को मरहम की जरूरत नहीं;अब तो हर मोड़ पर चोटें खाती है जींदगी।क्यों करते हो हमारी फ़िक्र मेरे दिलबर;दर-दरपर ठोकरें पाती है जिन्दगी।तेरे साथ बिताये लम्हों के सहारे;हर तन्हा रात को...
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अंकुर कुमार 'अश्क'
ग़ज़ल
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[07 Apr 2010 06:06 AM]



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