कहानी : माता-विमाता

BHARTIYA PAKSHA : भारतीय पक्ष बच्चे को छाती से चिपकाये, मां पीछे हट गयी। भीड़ बिखर गयी। डिब्बे के दरवाजे में खड़ी बनजारन अभी भी चिल्लाये जा रही थी, ''कंजरी, हरामजादी, तूने इसे जनते ही क्यों नहीं मार डाला? जब भी मार डालेगी, तभी मेरे दिल को चैन मिलेगा, नासपिट्टी।... [पूरी पोस्ट]
writer bhaarat kumar
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[07 Apr 2010 01:30 AM]

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