अपनी गली में मुझ को न कर दफ़्न बाद-ए-क़त्ल.. अपने शोख कातिल से ग़ालिब की इस गुहार के क्या कहने!!

आवाज़ महफ़िल-ए-ग़ज़ल #७८देखते -देखते हम चचा ग़ालिब को समर्पित आठवीं कड़ी के दर पर आ चुके हैं। हमने पहली कड़ी में आपसे जो वादा किया था कि हम इस पूरी श्रृंखला में उन बातों का ज़िक्र नहीं करेंगे जो अमूमन हर किसी आलेख में दिख जाता है, जैसे कि ग़ालिब कहाँ के रहने... [पूरी पोस्ट]
writer विश्व दीपक

ghalib ke khat

views
11
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
6
[06 Apr 2010 23:39 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix