चक्रव्यूह - एक उलझन जहन की...

Voice Of Heart : पुकार - अंतर्मन की पुष्प की सुगंध को सराहूं या उसकी सुन्दरता की तारीफ़ करूं..न जाने भ्रमर को क्या लुभाता है हर पुष्प पे मंडराने को..अचेत सा है कुछ मेरा अंतर्मन, क्या भ्रमर है जो पुष्प को इठलाने का मौका देता है..या वो पुष्प है जो भ्रमर को जीवन जीने का एक अलग सा नजरिया देता... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु पन्त
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[29 Mar 2010 14:35 PM]

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