मेरी मजबूरी...

Voice Of Heart : पुकार - अंतर्मन की कुछ मर्म सा है मेरे मन मे कुछ छुट सा जाने का, या कुछ खो जाने का, शायद आपको मेरी पुरानी रचनाओं मे भी इसकी काफी झलक दिखी होगी और आगे भी दिखती रहेगी.. कुछ है जो हमेशा कचोटता  है अन्दर से.....न जाने क्यूँ मे खुद को पहचान नहीं पाता,गम को तो छुपा भी... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु पन्त
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[30 Mar 2010 12:25 PM]

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