कभी साथ बैठ गपियाओ , तो जाने ---
आज सरल शब्दों में एक सीधी सादी सी रचना , बस यूँ ही ।मेरा मेरा करती है दुनिया सारीमोहमाया से मुक्ति पाओ , तो जाने ।दावत तो फाइव स्टार थी लेकिनभूखे को रोटी खिलाओ , तो जाने ।राह जो दिखाई है ज्ञानी बनकरखुद भी चलकर दिखाओ , तो जाने ।रुलाने वाले तो लाखों मिल...
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डॉ टी एस दराल
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[05 Apr 2010 22:30 PM]



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