यादें !
आज फिर तुम्हारी याद आई
आँखें कुछ नाम हुई
और विगत स्मृतियों ने
बहुत रुलाया, ख्यालों ही ख्यालों में
सोचता हूँ
कि तुमसे जब मुलाकात होगी
तो बहुत सी बातें कहूँगा
कुछ शिकवे कुछ शिकायत करूँगा, तुम्हारे अंतर कि वेदना को
यूँ बातों ही बातों में मिटा दूंगा
और...
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nilesh mathur
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[05 Apr 2010 14:50 PM]



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