कितना कठिन और लम्बा है 'प्रेम' जैसे एक छोटे से शब्द का उच्चारण

कर्मनाशा कई दिन हुए कुछ लिखना हो न सका। नियमित लिखा जाय यह जरूरी तो नहीं। और सिर्फ लिखने के लिए लिखना....! आज अभी कुछ देर पहले ही कुछ यूँ - सा बन गया। अगर यह कविता है तो आज आपके साथा साझा करते हैं चार कवितायें। इनके वास्ते शीर्षक भी कुछ सूझ नहीं रहा है। फिर वही... [पूरी पोस्ट]
writer sidheshwer

कविता

views
20
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
8
[05 Apr 2010 14:06 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix