यही मुहब्बत है...

Firdaus's Diary कड़ी धूप थीआसमान से शोले बरस रहे थे...उसने कहा-कितनी प्यारी खिली चांदनी है...मैंने कहा-बिलकुलक्योंकि...मुहब्बत में दिल की सुनी जाती है, ज़हन की नहीं यही मुहब्बत है, मुहब्बत की रिवायत है...-फ़िरदौस ख़ान... [पूरी पोस्ट]
writer फ़िरदौस ख़ान

तब्सिरा

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[05 Apr 2010 01:27 AM]

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