मेरा दावा है कि मेरा धर्म ही सबसे श्रेष्ठ, महानतम ,एकमात्र ईश्वर प्रदत्त व अनुकरणीय धर्म है !!!. . . . . . है कोई जवाब ?

सुनिये मेरी भी.... ...मेरे धर्मपरायण मित्रों,धर्म और ईश्वर के बारे में पढ़ते-खोजते हुऐ एक नायाब उद्धरण हाथ लगा...सोचा क्यों न इसे आपके साथ साझा किया जाये...यह इस प्रकार है... "We must respect the other fellow's religion, but only in the sense and to the extent that we... [पूरी पोस्ट]
writer प्रवीण शाह

religious tolerance

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[04 Apr 2010 21:07 PM]

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