पाश की एक कविता

Bhaskar Times हम लड़ेंगे साथी,उदास मौसम के लिएहम लड़ेंगे साथी,गुलाम इच्छाओं के लिएहम चुनेंगे साथी,जिंदगी के टुकड़ेहथौड़ा अब भी चलता हैउदास निहाई पर हल की लीकेंअब भी बनती हैं, चीखती धरती परयह काम हमारा नहीं बनता,सवाल नाचता हैसवाल के कंधों पर चढ़ करहम लड़ेंगे साथी.कत्ल... [पूरी पोस्ट]
writer Bhaskar

other

views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[20 Feb 2010 14:00 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix