अनमोल तोहफ़ा-हिन्दी शायरी (anmol tohfa-hindi shayri)
तूफान जैसा क्योंभागना चाहते हो,हवा की तरह बहने में भी मजा आता है।उम्र कम है तेजी से दोड़ने वालों कीबढ़ती गति के साथडोर टूट जाती है ख्यालों कीआसमान छूने की चाहत बुरी नहीं हैपर तारे हाथ आयें या चंद्रमापत्थर के टुुकड़ों या मिट्टी के ढेर के अलावा हाथ क्या आता...
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दीपक भारतदीप
masti
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[04 Apr 2010 13:26 PM]



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