बेवफाई

बिखरे  मोती बेचैनियाँ जब हद से गुज़र जाती हैं तो खलिश बन जाती हैं ,बेबसी जब बाँध लगाती है तो चुभन बन जाती है ,वक्त को कब कौन रोक   पाया हैऐ मेरे दोस्त ,जब वक्त साथ न दे तो बेवफाई  बन   जाती है.... [पूरी पोस्ट]
writer sangeeta swarup
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[04 Apr 2010 13:03 PM]

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