अजीब लड़की (२)

कुछ कहानियाँ,कुछ नज्में मेरे कमरे में उसकी उपस्थिति मानो किसी कुर्सी मेज की तरह थी मैं उसे पूरी तरह उपेक्षा दे रही थी ..मैं अपनी पढ़ाई में कोई भी व्यवधान नहीं चाहती थी,हालाँकि खाने के समय वो चुप्पी तोड़ने की बहुत कोशिश करती, ऐसा नहीं था मैं उससे जानबूझ कर रुखाई से पेश आ रही... [पूरी पोस्ट]
writer Sonal Rastogi

रिश्ते

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[04 Apr 2010 05:38 AM]

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