आदत हो गयी है
इंतज़ार की घडी इबादत हो गयी है,
ए दिल तुझे उसकी आदत हो गयी है|
कुछ सोच ले अपने बारे में भी,
खुदसे खुदकी मीठी बगावत हो गयी है|
ए दिल तुझे उसकी आदत हो गयी है…
उसके नाम से पुकार ना लूं रकीब को,
इश्क में बड़ी हिमाकत हो गयी है|
ए दिल तुझे...
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वीर
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[04 Apr 2010 00:01 AM]



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