परस्पर संवादात्मक ब्लॉगिंग
मेरे बारे में अनूप शुक्ल का पुराना कथन है कि मैं मात्र विषय प्रवर्तन करता हूं, लोग टिप्पणी से उसकी कीमत बढ़ाते हैं। यह कीमत बढ़ाना का खेला मैने बज़ पर देखा। एक सज्जन ने कहा कि यह सामुहिक चैटिंग सा लग रहा है। परस्पर संवाद। पोस्ट नेपथ्य में चली जाती है, लोगों...
[पूरी पोस्ट]
ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey
hindi
68
7
2
5
0
[03 Apr 2010 20:28 PM]



Shuffle








