तुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीच

A poetess blog तुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीचन जाने कितने ऐसे पल आयेजब भीड़ में होते हुए भीदिखे सिर्फ तुम हीसुना सिर्फ तुमकोतुम्हारी और मेरी व्यस्तताओं के बीचहमें याद रहा की लंच टाइम हो गयातुमने खाना खाया होगा या नहींखाना तुम्हे पसंद आया होगा या नहींतुम्हारी और... [पूरी पोस्ट]
writer ranjana
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[03 Apr 2010 14:03 PM]

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