बेशक ज़माना पास था - डा. कुमार विश्वास ( veshak jamaanaa paas thaa )
जीवन मे जब तुम थे नहीं पल भर नहीं उल्लास थाखुद से बहुत मैं दूर था,बेशक ज़माना पास था. होठों पर मरुथल और दिल में एक मीठी झील थी,आँखों में आंसू से सजी, इक दर्द की कंदील थी. लेकिन मिलोगे तुम मुझेमुझको अटल विश्वास थाखुद से बहुत मैं दूर था,...
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हरि शर्मा
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[03 Apr 2010 11:44 AM]



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