लिव-इन-रिलेशनशिप बनाम समाज

प्रतिवाद समाज यह नहीं चाहता। समाज वो नहीं चाहता। समाज को यह पसंद है। समाज को वो पसंद नहीं। समाज यह कह सकता है। समाज वो कह सकता है। क्या आपको नहीं लगता कि समाज अकसर तानाशाह जैसा हो जाया करता है? क्या आपको नहीं लगता कि समाज हमारी निजी जिंदगी में बहुत ज्यादा दखल... [पूरी पोस्ट]
writer अंशुमाली रस्तोगी

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[03 Apr 2010 01:46 AM]

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