कौटिल्य का अर्थशास्त्र-उपाय करने से सफलता मिलती है
सहस्त्रात्पृलुत्य दुष्टेभ्यो दुष्करं सम्पदर्ज्जनम्।उपायेन पदं मूघर्िल् न्यस्यते मतहस्तिनाम्।।हिन्दी में भावार्थ-हजार दुष्टों पर आक्रमण कर भी संपत्ति प्राप्त करना कठिन है पर उपाय किया जाये तो मतवाले हाथी पर भी अपना पैर रखा जा सकता है। वाळ्मानमयः खण्डं...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[03 Apr 2010 00:06 AM]



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