सुनते है वो रिश्ता अब टूटने वाला है!!!

A poetess blog फूल को मिटटी में डाल देने से...क्या वो पनप उठता है अपने आप?गीली लकड़ी ने...क्या आग पकड़ी है कभी?बारिश की बूंदों में भीगने का मज़ा...क्या छत के नीचे खड़े होकर लिया जा सकता है?बिना बंधन के रुकी है कोई रस्सी...किसी सिरे से किसी सिरे तक?तब क्यों रिश्ते की आंच को... [पूरी पोस्ट]
writer ranjana
views
23
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
9
[02 Apr 2010 15:51 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix