जैन साहित्य:प्राचीन इतिहास-22

गातांक से आगे....जैनधर्म मूलतः आध्यात्मिक है, और उसका आदितः सम्बन्ध कोशल, काशी, विदेह आदि पूर्वीय प्रदेशों के क्षत्रियवंशी राजाओं से पाया जाता है। इसी पूर्वी प्रदेश में जैनियों के अधिकांश तीर्थंकरों ने जन्म लिया, तपस्या की, ज्ञान प्राप्त किया और अपने... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH
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[02 Apr 2010 13:31 PM]

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