स्टेशन पर’क हरियर दुबि आ लाल गुलमोहर
लेखक-आदि यायावर (१)रेखा केँ नइँ जानि किएक मोन भऽ गेलनि जे स्टेशन पर जा केँ कनि काल’क लेल बैसल जाए. किछुए दिन’क गप्प अछि फेर तेँ ओ एहि स्टेशन केँ छोड़ि के चलि जेतीह, आ तकर बाद फेर सँ एतय एबाक कोनो प्रयोजन नहिँ. पछिला तीन साल ओ कोन तरहेँ काटने छलीह से वैह...
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आदि यायावर
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[02 Apr 2010 12:58 PM]



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