मन तुम्हारा हो गया - डा. कुमार विश्वास ( man tumhara ho gaya to ho gaya )
- मन तुम्हारा हो गया तो हो गया.एक तुम थे जो सदा से अर्चना के गीत थे,एक हम थे जो सदा से धार के विपरीत थे.ग्राम्य-स्वर कैसे कठिन आलाप, नियमित साध पाटा,द्वार पर संकल्प के लखकर पराजय कंपकंपाता.क्षीणसा स्वरखो गया तो, खो गया. मन तुम्हारा हो गया तो...
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हरि शर्मा
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[30 Mar 2010 23:26 PM]



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