मै तुम्हे ढूंढने - कुमार विश्वास ( main tumhe dhoodhne )
मै तुम्हे ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक गयारोज़ जाता रहा , रोज़ आता रहातुम गज़ल बन गई, गीत में ढल गईमंच से मै तुम्हे गुनगुनाता रहाज़िन्दगी के सभी रास्ते एक थेसबकी मंज़िल तुम्हारे चयन तक रहीअप्रकाशित रहे पीर के उपनिषद्मन की गोपन कथाएँ नयन तक रहींप्राण के...
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हरि शर्मा
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[01 Apr 2010 14:56 PM]



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