चला गया , वो तो चला गया

नई क़लम  - उभरते हस्ताक्षर चला गया - चला गयाआखिर वो चला गयाएक टीस देके चला गयाएक टीस लेके चला गयाचला गया वो तो चला गया मैं ग़ज़लों और किताबों में ही रह गयावो इसे हकीकत का नाम देके चला गयाअब पलट करमैं देखता तो क्या देखतासिर्फ धुंध थीजो आँखों में भर के चला गया मैं तनहा थाऔर तनहा ही... [पूरी पोस्ट]
writer नई कलम - उभरते हस्ताक्षर
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[02 Apr 2010 07:40 AM]

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