बना न बेचारा बीन्द
बना न बेचारा बीन्द डम-डम-डम डमरू बजे , भू डमरू आकार ।जिसका प्यारा नाम है,करे न कोई प्यार ।।करे न कोई प्यार, आँख में मोतियाबिन्द । नेत्र विकार ऐसा , बना न बेचारा बीन्द ।। कह ’वाणी’ कविराज , कह आज मरूँ कल मरूँ ।नव जीवन तू पाय, बेच वह डम-डम डमरू ।।...
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[01 Apr 2010 10:34 AM]



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