रुखा सा लम्हा

वीर की कलम से रुखा सा लम्हा ले कर उसे, हम नम बना लिया करते हैं| तेरे बिना वक्त की सदियाँ, हम यूँ गुज़ार लिया करते हैं| याद जब खलिश सी लगती है, नाम तेरा पुकार लिया करते हैं| Filed under: कविताएँ, हिन्दी कविता, ग़ज़ल, Ghazals, Hindi Poetry, Poem, Shayari,... [पूरी पोस्ट]
writer वीर

poemhindi poetryshayarighazals

views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[01 Apr 2010 08:33 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix