चल यूँ कर लें

वीर की कलम से दिखाई दे हर शय में तुझे, उसे ऐसे आँखों में भर लें| महकता रहे ज़हन हमेशा, उसे ऐसे सांसों में भर लें| कुछ ना रहे माज़ी का बाकी, उसे ऐसे यादों में भर लें| सिर्फ एक लकीर हो किस्मत की, उसे ऐसे हाथों में भर लें| हर लफ्ज़ में घुल जाए ज़िक्र, उसे... [पूरी पोस्ट]
writer वीर

poemshershayarighazals

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[01 Apr 2010 08:39 AM]

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