सहम जाता है

वीर की कलम से उसूल दरवाज़ा खटखटाते हैं तो जज़्बात सहम जाता है, दिल बच्चा सा है हमारा थोड़ी आहट से सहम जाता है| सही और गलत के दायरों में ढलते ढलते, मासूम एक नन्हा सा दिल मचल जाता है| झूट और सच का आईना बड़ा कमज़ोर होता है, हसरत के एक छोटे से पत्थर से ये चटक जाता... [पूरी पोस्ट]
writer वीर

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[01 Apr 2010 07:36 AM]

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