तेरी दुनिया

duniya meri nazar se आज बहुत दिन बाद फिर अपनी एक छोटी सी रचना आपके सामने लेकर पेश हुआ हूँ आशा है की आप फिर वही और उतना ही प्यार देंगे  आपका पागल दीवाना दोस्त राहुल कुंद्रा जब तक रहे जिस्म बनके मस्सरत को तरसे और जब हुए लाश तो कफ़न-दफ़न को तरसे ऐ खुदा तेरी... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul kundra

मेरी रचना

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[01 Apr 2010 02:41 AM]

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