मंच के कवि

ज्ञानसिंधु मंच के कवि उभरते हुए युवा कवि जिसे देखा उसे पकड़कर ले गये और अपनी कविता पेल दी । हालांकि कविता सुनाने के पहले चाय कचौड़ी का आदेश दे मारते थे । उन्हें फायदा यह हो जाता था कि एक श्रोता को ही चाय कचैड़ी खिलानी पड़ती थी और उसे माध्यम बनाकर वे पूरे रेस्त्रां के... [पूरी पोस्ट]
writer भगीरथ

भगीरथ के व्यंग्य

views
9
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[01 Apr 2010 02:34 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix