मुद्दत बाद .....उम्रें ठहर गईं
मुद्दत बाद ......उम्रें ठहर गईं उनकी नजरें मिलीं .......एक दूसरे को देखा , जैसे तपती गर्मी में ठन्डे पानी के घूंट भर लिए हों । पर ये क्या , उनकी प्यास तो वैसे ही धरी हुई थी ।
वो दिन , वो घडी , वो पल ऐसे गुजरा जैसे वो मेले में हैं ..... मेले के हिंडोले...
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MANVINDER BHIMBER
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[01 Apr 2010 02:01 AM]



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