हिन्‍दी ब्‍लॉगर हंस रहा है (अविनाश वाचस्‍पति)

झकाझक टाइम्स हंसो हंसो भाई हंसो हंसोमिलो तो हंसोदूर जाओ तो हंसोपास आओ तो हंसोहंसो तो हंसोन हंसो तो हंसोपर हंसो हंसोपर हंस न बनोआज हंस बन गएतो बाकी दिन क्‍या बनोगेबगुलायाभगतफिर बिठाते रहना जुगत। ब्‍लॉगरों हंसो हंसोहंसी निराली होनहीं खिसियानी होखिसियानी बिल्‍ली खंबा... [पूरी पोस्ट]
writer अविनाश वाचस्पति

कविता

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[31 Mar 2010 20:38 PM]

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